पल पल कर के घडीयां खतम हुईं,
न जाने कितनी सदियां खतम हुईं ,
उनके दिदार को आँखे तरसती रहीं ,
उनके इंतज़ार में हमारी तमाम खुशियां खतम हुईं ।
न जाने कितनी सदियां खतम हुईं ,
उनके दिदार को आँखे तरसती रहीं ,
उनके इंतज़ार में हमारी तमाम खुशियां खतम हुईं ।
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